स्कैम पैटर्न सामने आने के बाद भारत ने गूगल फायरबेस अकाउंट्स हटाने का दिया आदेश

‘रॉयटर्स’ के अनुसार, भारत सरकार ने प्रमुख बैंकों के नाम पर साइबर धोखाधड़ी करने वाले पैटर्न का पता चलने के बाद गूगल को अपने वेब डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म 'फायरबेस' पर बने सैकड़ों अकाउंट्स और डेटाबेस बंद करने का निर्देश दिया है.

ऑनलाइन स्कैम भारत में बड़ी चुनौती बन चुके हैं, जिसमें 2025 में भारतीयों को लगभग 2.4 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) ने अगस्त में ही फायरबेस पर होस्ट की गई 57 से अधिक वेबसाइटों को मैलवेयर फैलाने और वित्तीय डेटा चुराने के आरोप में हटाने को कहा.

रिपोर्ट के मुताबिक, स्कैमर्स एंड्रॉइड फोन यूजर्स को नए क्रेडिट कार्ड, रिवॉर्ड रिडेम्पशन या लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर बैंकिंग सेवाओं के फर्जी ऐप के जरिए निशाना बना रहे हैं. मुफ्त सुविधाओं और बेहतर डेटाबेस के कारण साइबर अपराधी अन्य टूल्स छोड़कर फायरबेस पर शिफ्ट हो रहे हैं.

यद्यपि इस धोखाधड़ी के लिए गूगल सीधे जिम्मेदार नहीं है, लेकिन नोटिस मिलने के 3 घंटे के भीतर विवादास्पद लिंक न हटाने पर उस पर कानूनी जिम्मेदारी आ सकती है. गूगल ने स्पष्ट किया कि उसकी नीतियां वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त हैं और वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. मार्च 2026 तक भारत की रियल-टाइम भुगतान प्रणाली के माध्यम से 242 अरब डिजिटल लेनदेन दर्ज किए गए. देश के तेजी से बढ़ते इसी डिजिटल इकोसिस्टम का फायदा उठाने के लिए साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं.

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