फैक्ट चेक : पटना का पुराना वीडियो शेयर कर भाजपा नेताओं का ‘झूठा’ दावा, सीजेपी प्रदर्शनकारी हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव कर रहे हैं

20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हजारों युवा समर्थक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर बढ़े और उनकी दिल्ली पुलिस से झड़प हुई. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें लोगों को एक रेलवे स्टेशन के अंदर ट्रेन पर पथराव करते देखा जा सकता है. ‘एक्स’ यूज़र जनार्दन मिश्रा (@JanardanMis) ने यह वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि जंतर-मंतर जाते समय ‘कॉकरोचों’ ने एक हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव किया. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “अरे सरकार का विरोध करना है तो करो, लेकिन देश की संपत्ति को नुकसान मत पहुंचाओ.”

‘ऑल्ट न्यूज़’ में शिंजिनी मजूमदार की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा की राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस पोस्ट को आगे बढ़ाते हुए लिखा, "ये छात्र नहीं हैं, ये सीजेपी और उसकी सहयोगी राजनीतिक पार्टियों के वेश में राष्ट्रविरोधी ताकतों के भाड़े के गुंडे हैं."

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी इंस्टाग्राम पर यही वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया. प्रमुख दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर अकाउंट @MeghUpdates ने भी इसी दावे के साथ यह वीडियो शेयर किया. उन्होंने लिखा, “हुड़दंगई के ऐसे कृत्यों से सख्त कार्रवाई के साथ निपटा जाना चाहिए."

भाजपा नेता तजिंदर बग्गा, आरएसएस के मुखपत्र 'पांचजन्य', और भाजपा समर्थक यूजर जैसे रौशन सिन्हा और ऋषि बागरी सहित ‘एक्स’ पर कई अन्य उपयोगकर्ताओं ने भी इसी दावे के साथ यह वीडियो साझा किया. इनमें से कुछ ने बाद में अपनी पोस्ट हटा दीं. यह वीडियो इसी तरह के दावों के साथ फेसबुक पर भी वायरल है.

वायरल वीडियो के एक मुख्य फ्रेम का रिवर्स इमेज सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को 14 जून को मीडिया संस्थान 'रिपब्लिक' द्वारा पोस्ट किया गया पटना का एक ऐसा ही वीडियो संकलन मिला. वायरल वीडियो के एक फ्रेम और रिपब्लिक के वीडियो के एक फ्रेम के बीच तुलना करने से यह स्थापित होता है कि दोनों एक ही जगह पर शूट किए गए थे.

इससे सुराग लेते हुए, कीवर्ड सर्च किया और पाया कि तोड़फोड़ की यह घटना पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुई थी. नीले रंग की ट्रेन पर असंतुष्ट छात्रों द्वारा पथराव करने के कई अन्य वीडियो और रिपोर्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं.

14 जून की बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिहार पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के बड़ी संख्या में अभ्यर्थी विशेष ट्रेनों की मांग को लेकर पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर एकत्र हुए थे, जिससे हंगामा शुरू हो गया जो बाद में पथराव और पुलिस लाठीचार्ज में बदल गया. इस अशांति के कारण कुछ समय के लिए रेल यातायात बाधित रहा और कई अभ्यर्थियों ने व्यवस्थाओं पर अपनी नाराजगी व्यक्त की.

दिल्ली में 20 जुलाई के सीजेपी विरोध प्रदर्शन से जोड़ते हुए झूठे दावों के साथ वीडियो के वायरल होने के बाद, उत्तरी रेलवे के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल ने पोस्ट किया कि वीडियो में दिख रही ट्रेन हाइड्रोजन ट्रेन नहीं थी. वास्तव में, यह डब्ल्यूएजी 12 लोको द्वारा संचालित थी. ‘एक्स’ पर एक फैक्ट-चेक पोस्ट में, उन्होंने इसे "शायद कोई पुराना वीडियो" बताया और उपयोगकर्ताओं को सूचित किया कि हाइड्रोजन ट्रेन अपने निर्धारित समय के अनुसार चल रही थी.

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