“मोदी जी, जनता को अब मूर्ख नहीं बनाया जा सकता..!” वाकई क्या ये सिर्फ जुमले हैं
आमतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात 8 बजे या शाम को देश के नाम संदेश देने के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन बीती 23 जुलाई की देर रात उन्हें “रील” के अंदाज़ में छात्रों को एक संदेश देना पड़ा. मोदी ने इसमें छात्रों को “फ्रेंड्स” कहकर संबोधित किया. कहा कि उन्हें पेपर लीक के संबंध में विधेयक का मसौदा मिल चुका है, जिसमें फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों और सख्त सजा के प्रावधान शामिल हैं. इस पर शुक्रवार को केबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी और अगले सप्ताह इसे संसद में पेश किया जाएगा. आज केबिनेट ने इस मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसमें दोषी को 10 साल की जेल और अधिकतम 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. मौजूदा कानून में 3 से 5 साल की सजा और 1 करोड़ के आर्थिक दंड का प्रावधान है. इतना ही नहीं नीट आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने भी अपने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है. इनमें से कुछ के खिलाफ आपराधिक केस भी चलाया जाएगा. यह फैसला उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को पंचायत मंत्रालय में ट्रांसफर करने के बाद आया है. इस बीच मोदी ने आज रात (कल की तुलना में कुछ पहले) फिर रील के अंदाज़ में अपने “इंस्टाग्राम हैंडल” पर आकार कल का वीडियो देखने के लिए थैंक यू फ्रेंड्स कहा.
लेकिन अब सवाल यह उठता है कि क्या देश की छात्र बिरादरी प्रधानमंत्री के इन प्रयासों को राहत की ताज़ा सांस के रूप में देखेगी या फिर इन्हें केवल जुमला ही माना जाएगा? क्योंकि प्रधानमंत्री ने छात्रों की मूल मांग, यानी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने, के बारे में कुछ नहीं बोला है. जहां तक सवाल फास्ट ट्रैक कोर्ट और सजा के कड़े प्रावधानों की उनकी घोषणाओं का है तो सोशल मीडिया पर सच्चाई बताने वाले भी कम नहीं हैं.
‘करियर्स 360’ के महेश्वर पेरी याद दिलाते हैं कि मोदी पहले भी कई बार 'पेपर लीक माफिया' से सख्ती से निपटने का वादा कर चुके हैं. महज दो साल पहले, जब नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी, तब उन्होंने लोकसभा में कहा था कि उनकी सरकार "ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहद गंभीर है."
पेरी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे खेद है सर. यह बिना किसी प्रतिबद्धता या समय-सीमा के किया गया एक और महज़ वादा ही है. इससे पहले, आपने एक नया कानून लागू किया था. अब एक फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट. आपकी अपनी संस्था एनटीए ने कहा था कि कोई पेपर लीक हुआ ही नहीं है. पिछले 3 वर्षों में ही पेपर लीक को लेकर आपके द्वारा कही गई बातें यहाँ प्रस्तुत हैं:
2 अक्टूबर 2023: "पेपर-लीक माफिया की जवाबदेही तय की जाएगी और उन्हें सजा दी जाएगी. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा."
9 नवंबर 2023 : "पेपर लीक जैसे मुद्दे, जिन्होंने देश के युवाओं को चिंतित किया हुआ था, उनसे बेहद सख्ती से निपटा गया है..."
21 अप्रैल 2024:"सरकार ने अब पेपर-लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है."
2 जुलाई 2024 | लोकसभा : "सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए बेहद गंभीर है और युद्ध स्तर पर कार्रवाई की जा रही है... छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा."
अंत में पीएम मोदी के तमाम वादों और इंस्टाग्राम वीडियो पर एक टिप्पणी जंतर-मंतर से ही आई, जिसमें कहा गया-“मोदी जी, जनता को अब मूर्ख नहीं बनाया जा सकता. हमने इस सरकार में अपना भरोसा खो दिया है.”

