गुवाहाटी: दीवार पर सोनम वांगचुक का पोर्ट्रेट बना रहे थे, पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया

सोनम वांगचुक के लिए बढ़ते समर्थन के बीच, पुलिस ने शनिवार को असम के राजधानी शहर में सड़क किनारे की दीवार पर वांगचुक का चित्र (पोर्ट्रेट) बनाने के आरोप में दो युवकों को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान डिब्रूगढ़ के नकुल मिली और गुवाहाटी के दक्षिण गाँव के गौरव सिंह के रूप में हुई है. पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक या सरकारी संपत्ति पर पेंटिंग करने के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है. दोनों पर सार्वजनिक संपत्ति को विकृत (गंदा) न करने के मुख्यमंत्री के निर्देश का उल्लंघन करने का भी आरोप है.  

इस बीच, फ्लाईओवर के नीचे बनाई गई पेंटिंग के संबंध में वसिष्ठ पुलिस स्टेशन में एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि जांच के हिस्से के रूप में उस घटना में शामिल लोगों को भी हिरासत में लिया जाएगा.

मनोज आनंद के अनुसार, एक अन्य घटनाक्रम में, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया की असम राज्य समितियों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में गुवाहाटी में अलग-अलग प्रदर्शन किए. छात्र नेताओं ने सवाल किया, "यह अजीब है कि सरकार इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है और जवाबदेह नहीं बनना चाहती. लोकतंत्र में, निर्वाचित प्रतिनिधि जनता की बात सुनने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं. राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं पर चर्चा करने में क्या समस्या है?"

इस आंदोलन को राष्ट्रविरोधी के रूप में चित्रित करने के प्रयासों को खारिज करते हुए छात्रों ने कहा, "सोनम वांगचुक राष्ट्रविरोधी नहीं हैं.  हम भी राष्ट्रविरोधी नहीं हैं. हम इस देश और अपनी असम की भूमि से प्यार करते हैं. हम बेहतर शिक्षा सुधारों और छात्रों के बेहतर भविष्य की मांग कर रहे हैं." असम के साथ समानताएं दिखाते हुए, प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकारें जनता की चिंताओं के बजाय कॉर्पोरेट हितों को तेजी से प्राथमिकता दे रही हैं. उन्होंने कहा, "नागरिकों की चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकारें बड़े निवेशकों के हितों में काम कर रही हैं.

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अपूर्वानंद | आंदोलन की सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि उसका मूल मुद्दा पीछे छूट गया और पूरा विमर्श सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य तक सिमट गया.