विरोध स्थलों पर पुलिस की चेहरे पहचानने वाली तकनीक के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार

स्क्रोल के मुताबिक, माकपा सांसद ए.ए. रहीम ने विरोध-प्रदर्शन स्थलों पर पुलिस द्वारा चेहरे की पहचान और अन्य जैवमेट्रिक निगरानी उपकरणों के इस्तेमाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में आरोप है कि प्रदर्शनकारियों का डेटा एकत्र कर सुरक्षित रखना डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका को दिल्ली के युवा प्रदर्शनों से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दिया. ये प्रदर्शन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, खासकर नीट से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए थे.

20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और पेलेट गन का इस्तेमाल किया था, जिसमें कई लोग घायल हुए. इसके बाद आंदोलन देश के कई हिस्सों में फैल गया.

रहीम की याचिका में पुलिस निगरानी के लिए इस्तेमाल हो रही तकनीक की वैधता, नागरिकों की निजता और प्रदर्शन के अधिकार से जुड़े सवाल उठाए गए हैं.

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