कानपुर में प्यासे दलित किशोर को पानी छूने पर निर्वस्त्र कर पीटा, थूक चटवाया

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में  एक 16 वर्षीय दलित किशोर को सिर्फ इसलिए निर्वस्त्र कर पीटा गया क्योंकि उसने ऊंची जाति के लोगों की बाल्टी से पानी पी लिया था. पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसका हाथ तोड़ दिया और जूतों पर थूककर उसे चाटने के लिए मजबूर किया.

‘द टेलीग्राफ’ के मुताबिक, यह घटना कानपुर के झाखरा सांभरपुर गांव की है और 2 मई को हुई थी, लेकिन मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर जातीय अपमान से जुड़ा एक अन्य वीडियो वायरल हुआ. पीड़ित किशोर ने बताया कि वह खेत में काम कर रहा था और प्यास लगने पर गांव के एक सार्वजनिक हैंडपंप के पास रखी बाल्टी से पानी लेने चला गया. जैसे ही उसने पानी भरा, गांव के संजय राजपूत, दीपक राजपूत और उनके साथियों ने उसे पकड़ लिया.

किशोर के मुताबिक, आरोपियों ने उसे करीब आधे घंटे तक बेरहमी से पीटा और कपड़े उतरवा दिए. जब उसका पिता बचाने पहुंचा तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उसकी पसली तोड़ दी गई. पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने जूतों पर थूककर उसे चाटने को मजबूर किया और जूते में पानी भरकर पिलाया.

घटना के बाद पिता-पुत्र तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे. परिवार का कहना है कि डर और दबाव की वजह से वे तुरंत पुलिस के पास नहीं जा सके और दो दिन पहले ही शिकायत दर्ज कराई.

कानपुर पुलिस ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी-एसटी एक्ट) के तहत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. हालांकि पुलिस अधिकारी ने शुरुआती प्रतिक्रिया में इसे “कुछ लोगों के बीच मारपीट” बताया.

इसी बीच चंदौली जिले का एक और वीडियो भी चर्चा में है, जिसमें एक युवक कथित तौर पर बंदूक की नोक पर एक व्यक्ति को थूक चाटने के लिए मजबूर करता दिख रहा है. उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार के आंकड़े पहले ही चिंता बढ़ा चुके हैं. एनसीआरबी के अनुसार, 2023 और 2024 में दलित अत्याचार के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए.

Previous
Previous

केरल के सतीशन: पार्टी के बजाय खुद के पीछे बड़ा वोट बैंक खड़ा किया, अब कांग्रेस उन पर निर्भर

Next
Next

श्रवण गर्ग | मोदी ने नीदरलैंड से क्यों डराया कि संकट गहरा है ?