‘ज्ञानेश, काम हो गया भाई’: चुनाव आयोग का विवाद सोशल मीडिया पर मीम्स का मसाला बना
चुनाव आयोग के भीतर जारी आंतरिक मतभेदों की खबर अभी ठीक से लोगों तक पहुँची भी नहीं थी कि सोशल मीडिया ने तय कर लिया कि इस पर मीम बनाना कोई विकल्प नहीं, बल्कि बेहद ज़रूरी है.
‘द टेलीग्राफ वेब डेस्क’ के अनुसार, मीम चक्र का पहला शिकार जाहिर तौर पर चुनाव आयोग का तीन सदस्यीय ढांचा बना.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कार्टून में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग के ब्रांड वाले एक ऑटो-रिक्शा को चलाते हुए दिखाया गया है, जबकि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी पीछे की सीट पर सिमटे हुए बैठे हैं. दोनों आयुक्तों ने हाथों में "14 आपत्तियाँ" लिखी तख्तियाँ पकड़ रखी हैं, जबकि कुमार स्टेयरिंग संभाल रहे हैं—यह इस बात की सटीक व्याख्या है कि आयोग का नियंत्रण वास्तव में किसके हाथों में है.
इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की हंसते हुए एक तस्वीर वाला मीम आया, जिसका कैप्शन था: “ज्ञानेश, काम हो गया भाई”—यह भाजपा को फायदा पहुँचाने में मुख्य चुनाव आयुक्त की कथित भूमिका को लेकर इंटरनेट पर घूम रहे विपक्षी आरोपों पर एक तंज़ था.
एक पोस्ट ने कोलकाता की एक पुरानी और चर्चित तस्वीर को फिर से शेयर करने का मौका तलाशा, जिसे देखकर आज भी हर कोलकाता वासी पसीने से तर-बतर हो जाता है.
23 सितंबर 2025 को रिकॉर्ड तोड़ बादल फटने और रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बाद कोलकाता की जलमग्न सड़कों की तस्वीर भी इस मीम उत्सव का हिस्सा बन गई. इस पर कैप्शन लिखा था: “पिछले साल आज की सुबह कोलकाता. यह टीएमसी के विकास का चरम था,” जिसके बाद एक पंचलाइन दी गई थी: “और फिर यह सुनिश्चित करने के लिए ज्ञानेश कुमार आए कि भाजपा चुनाव जीत जाए.”
एक अन्य कार्टून में आयुक्तों की 14 आपत्तियों को कागज के टुकड़ों के रूप में डस्टबिन (कूड़ेदान) में फेंकते हुए दिखाया गया था—जिसमें व्यंग्य किया गया था कि उन्हें अनदेखा नहीं किया गया, बल्कि केवल “सुरक्षित (संरक्षित)” रखा गया है.
एक यूज़र ने 1997 की बॉलीवुड फिल्म 'इश्क' की एक तस्वीर का इस्तेमाल किया, जिसमें आमिर खान और अजय देवगन को भारी घबराहट की स्थिति में सुखबीर संधू और विवेक जोशी के रूप में दिखाया गया है. वे चिल्लाते हुए एक पाइप से चिपके हुए हैं जिसे 'ज्ञानेश कुमार' काट रहे हैं—यानी उन दोनों चिल्लाते हुए आदमियों को सहारा देने वाली रेखा या सहारा ही खत्म कर रहे हैं.
भारत की लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया और भारतीयता की भावना को दर्शाने के लिए डिज़ाइन किए गए चुनाव आयोग के तिरंगे लोगो को भी मीम मेकओवर दिया गया है. अपनी सामान्य स्थिति में रहने वाली तीन पट्टियों के बजाय, दो पट्टियाँ तीसरी से अलग हो गई हैं—और उन पर एक दोटूक संदेश लिखा है: “हमें आपत्ति है”.
इससे पहले दिन में, 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने रिपोर्ट दी थी कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों पर आधिकारिक रूप से आपत्ति जताई थी, जो उनकी जानकारी के बिना भारत निर्वाचन आयोग के नाम पर लिए गए थे.
और इस तरह, डिजिटल हास्य की दुनिया में यह स्पष्ट है कि एक बार जब कोई विवाद सामने आता है, तो मीम बनाने वाले कभी पीछे नहीं रहते.

