राजनाथ ने झूठ क्यों बोला: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुई मौतों को लेकर रक्षा मंत्री पर निशाना
शनिवार को विपक्षी नेताओं ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर संसद में झूठ बोलने और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया. यह प्रतिक्रिया सरकार द्वारा शुक्रवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान शहीद हुए छह सैनिकों के नामों की सूची जारी किए जाने के बाद आई है.
गौरतलब है कि राजनाथ सिंह ने एक साल पहले संसद में दावा किया था कि इस ऑपरेशन के दौरान "किसी भी सैनिक को नुकसान नहीं पहुँचा" था.
संसद में राजनाथ सिंह के भाषण का एक वीडियो पोस्ट करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया कि "शहीदों के कफन पर घोटाला करने वाली" भाजपा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसान के बारे में जनता को गुमराह किया है. आप ने दावा किया कि इस खुलासे से साबित हो गया है कि "भाजपा न तो सैनिकों की है और न ही भगवान राम की."
‘द टेलीग्राफ वेब डेस्क’ के मुताबिक, बीजू जनता दल की सांसद सुलता देव ने केंद्र के इस खुलासे पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले साल संसद सत्र के दौरान ऑपरेशन सिंदूर पर गहन चर्चा हुई थी, लेकिन किसी को भी इन मौतों के बारे में सूचित नहीं किया गया था.
सुलता देव ने कहा: "अगर यह सच है, तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण मामला है. जो शहीद होते हैं वे उचित सम्मान के हकदार हैं, और उनके परिवारों को भी वही सम्मान मिलना चाहिए." उन्होंने आगे कहा कि वह नहीं जानतीं कि सरकार इतनी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाकर क्या हासिल करना चाह रही थी.
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित हुए नाम
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह सैनिकों के नामों को जारी किया, जिन्हें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित किया गया है और 'रोल ऑफ ऑनर' में जोड़ा गया है. इन नामों में भारतीय सेना के पांच कर्मी—सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार (वीर चक्र), लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरलीनायक और हवलदार सुनील कुमार सिंह—के साथ भारतीय वायु सेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं.
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद मई 2025 में पाकिस्तान के साथ हुए चार दिवसीय युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों की पहचान का केंद्र सरकार द्वारा किया गया यह पहला आधिकारिक खुलासा है.
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने इस घटनाक्रम को "अत्यंत गंभीर" बताते हुए सवाल किया कि अगर छह सैनिक शहीद हुए थे, तो रक्षा मंत्री संसद में यह कैसे कह सकते थे कि किसी भी सैनिक को नुकसान नहीं पहुँचा. घोष ने ‘एक्स’ पर लिखा: "संसद सच्चाई की हकदार है. हमारे शहीदों के परिवार सच्चाई के हकदार हैं. भारत सच्चाई का हकदार है."
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि इस विसंगति (विरोधाभास) के केवल दो ही संभावित स्पष्टीकरण हो सकते हैं. उन्होंने रक्षा मंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि या तो वे संसद को संबोधित करते समय शहीद हुए छह सैनिकों के बारे में अनभिज्ञ थे, जो उनके नेतृत्व वाले मंत्रालय के संदर्भ में उनके ज्ञान और समझ पर सवाल उठाता है; या फिर वे तथ्यों को जानते थे और उन्होंने जानबूझकर उन्हें छिपाने और दबाने की कोशिश की.

