सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा— जंतर-मंतर पर पुलिसकर्मियों को हमला करते देखना ‘बेहद व्यथित’ करने वाला था

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भूयान ने शुक्रवार को कहा कि जुलाई में जंतर-मंतर पर पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों पर हमला करते देखना "व्यथित करने वाला" और "गंभीर चिंता का विषय" था. उनकी यह टिप्पणी उनके उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अलग राय व्यक्त करने या सवाल पूछने पर छात्रों को दंडात्मक कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए.

जस्टिस भूयान ने पूर्व सचिव (सुरक्षा) यशोवर्धन आजाद की किताब "पुलिसिंग द रिपब्लिक"  के विमोचन के अवसर पर यह टिप्पणी की.  समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ के अनुसार, उन्होंने कहा, "जब हम भारतीय पुलिस सेवा के युवा अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जाकर प्रदर्शनकारियों पर हमला करते देखते हैं, तो हम सभी हताश हो जाते हैं.  इसे देखना बहुत, बहुत व्यथित करने वाला है."

उन्होंने आगे कहा, "पुलिस अधिकारियों से जिस तटस्थता की अपेक्षा की जाती है, वह कहीं न कहीं गायब होती दिख रही है, और यह वास्तव में गंभीर चिंता का विषय है. "

जस्टिस भूयान ने कहा कि पुलिस अत्यधिक बल प्रयोग किए बिना या लोगों के अधिकारों का उल्लंघन किए बिना भी प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रख सकती है. उन्होंने कहा, "अधिकांश आम लोगों के लिए, सीटी और लाठी के साथ सड़क पर तैनात एक पुलिसवाला राज्य (सरकार) की शक्ति और अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है. जब उन्हें लगता है कि उनके साथ गलत हुआ है, तो वे पुलिस की मदद मांगते हैं. इसलिए, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि पुलिस बल अपनी विश्वसनीयता बनाए रखे."

उन्होंने कहा, "पुलिस ऐसा केवल संविधान का सख्ती से पालन करके, एक सच्चे पेशेवर बल के रूप में कार्य करके, निष्पक्ष रूप से काम करके, साहस और दृढ़ विश्वास दिखाकर, ईमानदारी बनाए रखकर और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का पालन करके ही कर सकती है, जिससे कानून के शासन को बनाए रखा जा सके."

उन्होंने देश में हिरासत में दी जाने वाली यातनाओं और मौतों के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई और इसे सभ्य समाज में सबसे बुरे अपराधों में से एक बताया। उन्होंने पुलिस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया और इसके कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी दी.

Previous
Previous

भारत से जुड़े गोला-बारूद सौदे के कारण एस्टोनिया के रक्षा मंत्री को देना पड़ा इस्तीफा

Next
Next

नई जीडीपी श्रृंखला की कार्यप्रणाली संदिग्ध है: प्रणब सेन