मणिपुर में यात्रियों पर घात लगाकर हमला, चार नागा नागरिकों की मौत

तीन साल से ज्यादा का वक़्त बीत चुका है, लेकिन हिंसाग्रस्त मणिपुर में शांति बहाल नहीं हो पा रही है. गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को अज्ञात बंदूकधारियों ने एक गांव की सड़क पर यात्रियों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें चार नागा नागरिकों की मौत हो गई.

यह घटना कुकी बहुल कांगपोकपी जिले के माकुई अशांग और थानम्बा नागा गांवों के बीच सुबह करीब 8.30 बजे हुई. शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया है कि बंदूकधारियों ने माकुई से नागा बहुल जिले सेनापति की ओर यात्रा कर रहे कम से कम छह लोगों पर गोलियां चलाईं.

ग्रामीणों के अनुसार, मृतकों की पहचान तडसोंगबोउ रिंगकांगमाई, मारियाकदिबोउ विजुनमाई, अनिल विजुनमाई और विसोबोउ चारेनामाई के रूप में हुई है. जबकि गैकमंग रिंगकांगमाई घायल हो गए, वहीं जापौ एम.के. नामक व्यक्ति के लापता होने की खबर है.

‘द हिंदू ब्यूरो’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला ऐसे समय में हुआ जब युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व वाली मणिपुर सरकार जातीय हिंसा से प्रभावित राज्य में शांति बहाल करने के अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है. इन प्रयासों में मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के माध्यम से इंफाल-गुवाहाटी बस सेवा फिर से शुरू करना शामिल था, जो 3 मई, 2023 को कुकी-जो और मैतेई समुदायों के बीच संघर्ष भड़कने के बाद तीन साल से अधिक समय से बाधित था. यह राजमार्ग कुकी और नागा आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है.

फरवरी में, कुकी-जो और नागा समुदायों से जुड़ी आगजनी सहित हमलों की एक शृंखला के बाद मणिपुर में स्थिति ने एक नया मोड़ ले लिया था. मणिपुर सरकार और राज्य अधिकारियों ने गुरुवार के हमले पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

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