‘कारसेवा’ की चिंताओं के बीच विवादित कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर की सुरक्षा बढ़ाई गई
मथुरा प्रशासन ने हाल ही में इलाहाबाद उच्च न्यायालय को सूचित किया कि 'कारसेवा' की चिंताओं के बीच विवादित कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.
श्री कृष्ण जन्मभूमि स्थल को "मुक्त" कराने के लिए मथुरा में हिंदू धार्मिक नेताओं द्वारा 'कारसेवा' (स्वैच्छिक सेवा) का आह्वान किया गया था. न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की उच्च न्यायालय पीठ ने श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट और अन्य द्वारा शाही मस्जिद ईदगाह प्रबंधन समिति और अन्य के खिलाफ दायर मूल वाद की सुनवाई के दौरान ध्यान दिया कि अदालत को जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा से एक सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट प्राप्त हुई है.
इशिता मिश्रा के अनुसार, 25 अगस्त के अदालती आदेश में कहा गया, "इस अदालत ने रिपोर्ट का अवलोकन किया है और माना है कि कथित 'कारसेवा' और परिसर में सुरक्षा बनाए रखने के संबंध में प्रशासन द्वारा इंतजाम किए गए हैं."
इलाहाबाद उच्च न्यायालय वर्तमान में 2023 में एक साथ जोड़े गए (क्लब किए गए) 18 मुकदमों की सुनवाई कर रहा है, जिनमें शाही ईदगाह को हटाने की मांग की गई है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर, 2026 को होगी.

