संसद की तरफ मार्च कर रहे सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई, वांगचुक का भूख हड़ताल जारी रखने का संकल्प, सरकार-सीजेपी के बीच बातचीत 

सोमवार (20 जुलाई 2026) को संसद मार्ग की ओर से संसद भवन की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों ने संसद मार्ग थाने के बाहर रोक दिया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने बर्बर लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए और उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया. ‘द हिंदू’ ब्यूरो के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े, जिन्हें संसद से मात्र 200 मीटर दूर रायसीना रोड पर रोक दिया गया. संसद मार्च जंतर-मंतर से शुरू हुआ था, जहाँ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) 20 जून से धरना दे रही है. यह प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन के साथ ही आयोजित हुआ.

सीजेपी ने सोमवार को कहा कि उसके प्रवक्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपा. इस पत्र में सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट-यूजी पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है. पार्टी के अनुसार, “नड्डा ने मांगों पर “उपयुक्त स्तर” पर चर्चा करने का आश्वासन दिया है. लेकिन कोई प्रतिबद्धता (ठोस आश्वासन) नहीं जताई गई है. जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी शांत नहीं बैठेंगे!” उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों से अपनी स्थिर स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए उन्हें डिस्चार्ज करने का आग्रह किया, ताकि वे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में आयोजित "संसद चलो" मार्च में भाग ले सकें.

वांगचुक ने विरोध-प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया

इधर, मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन तेज होने के बीच, शाम ढलते सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से हस्तलिखित एक पत्र जारी किया. इसमें उन्होंने कहा, "शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता की जा रही है, उसे देखते हुए मैंने अपना अनशन तब तक जारी रखने का फैसला किया है जब तक कि युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दे दी जाती." उन्होंने आगे कहा, "या फिर मुझे अस्पताल में ही उनसे मिलने की अनुमति दी जाए."

पुलिस ने प्रदर्शन स्थल हटाया

सोमवार को पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन स्थल को भी हटा दिया.  हालाँकि, मार्च के बाद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर फिर से जमा हो गए. उनके एक नेता ने कहा कि वे वहीं डटे रहेंगे. जिस मंच पर सोनम वांगचुक ने अपना अनशन किया था, उसे हटा दिया गया और वहाँ से ट्रैम्पोलिन, कालीन, गद्दे व अन्य सामग्रियाँ साफ कर दी गईं. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने लाउडस्पीकर लगे एक टेम्पो से भीड़ को संबोधित किया.

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