म्यांमार में हथियारों के प्रशिक्षण मामले में आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को भारत से बाहर रहने की अनुमति बढ़ी

'हिंदुस्तान टाइम्स' में अर्नबजीत सूर की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की एक अदालत ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और यूक्रेन के छह नागरिकों को भारत से बाहर रहने की अनुमति अगले साल 24 फरवरी तक बढ़ा दी है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अदालत को बताया था कि मामले के कई पहलुओं की जांच पूरी करने के लिए उसे और समय चाहिए.

एनआईए ने मार्च में सातों को म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया था. उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था. हालांकि, सितंबर में दाखिल आरोपपत्र में एनआईए ने यूएपीए के आरोप हटा दिए और सातों के खिलाफ केवल आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत आरोप लगाए. इस अधिनियम के तहत संबंधित अपराध का निर्धारित शुल्क देकर निपटारा किया जा सकता है.

मैथ्यू वैनडाइक को पिछले महीने अदालत ने डिफॉल्ट जमानत दी थी. उन्होंने कथित उल्लंघनों के लिए निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया था. अदालत ने उन्हें और छह यूक्रेनी नागरिकों को इस शर्त पर अपने-अपने देशों में लौटने की अनुमति दी थी कि वे जांच में शामिल होने के लिए वापस आएंगे.

वैनडाइक एक महीने के लिए अमेरिका लौटने की अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार को सुनवाई में शामिल होने के लिए भारत वापस आए. इससे पहले अदालत ने निर्देश दिया था कि भारत लौटने के 72 घंटे के भीतर उन्हें अदालत में पेश होना होगा. हालांकि, यूक्रेन के छह नागरिक अभी तक भारत नहीं लौटे हैं.

मैथ्यू वैनडाइक ने खुद को लीबिया की क्रांति में शामिल रहे पूर्व लड़ाके और युद्धबंदी बता चुके हैं. मामले की जांच जारी है और अदालत ने भारत से बाहर रहने की अनुमति की अवधि बढ़ा दी है.

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