बंगाल में सीजेपी स्वयंसेवक के पिता की हमले में मौत; "स्कूल ठीक करो" अभियान में गया था
सेंजुति सेनगुप्ता के अनुसार, पश्चिम बंगाल के बांकुरा में गुरुवार (13 अगस्त 2026) को हुए हमले में घायल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक स्वयंसेवक के पिता की शनिवार (15 अगस्त 2026) को मौत हो गई, जिसके बाद रविवार (16 अगस्त 2026) को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. हालांकि ‘पीटीआई’ ने पुलिस के हवाले से गिरफ्तार लोगों की संख्या 8 बताई है.
सीजेपी ने दावा किया है कि सीजेपी स्वयंसेवक शेख अब्दुल हफीज के पिता जनाब मफीक पर स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने हमला किया था.
हालांकि, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने कहा, “बीजेपी का कोई संबंध नहीं है. वे सभी अपराधी हैं. कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.”
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना गुरुवार (13 अगस्त 2026) को बांकुरा के करिसुंडा में तब हुई जब हफीज सीजेपी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत एक सरकारी स्कूल का ‘निरीक्षण’ करने गए थे. उन्होंने पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे की मांग को लेकर हुए सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “रात में बीजेपी के पांच कार्यकर्ताओं ने मेरे घर पर हमला कर दिया. वे मुझे ढूंढ रहे थे, लेकिन जब मैं नहीं मिला तो उन्होंने मेरे पिता पर बर्बर हमला कर दिया. उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें बर्धमान मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया.”
इस बीच सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने सोमवार को इंदास के करिशुंडा गांव पहुंचे और जनाब मफीक के परिवार से मुलाकात की. रांका ने परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा, "हम बंगाल सरकार को 10 दिन का समय दे रहे हैं. इस अवधि के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए और उनके खिलाफ सभी आवश्यक कानूनी धाराएं लगाई जानी चाहिए." रांका ने आरोप लगाया कि हफीज और उनकी मां को कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी थी जिन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है. उन्होंने शिकायत में पांच लोगों को नामजद किया था और आरोप लगाया था कि हमले में 10-15 लोग शामिल थे. सीजेपी ने कहा कि 25 वर्षीय हफीज 19 जुलाई को पार्टी के राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने के बाद दिल्ली से लौटे थे. 13 अगस्त को उन्होंने सरकारी स्कूल के बुनियादी ढांचे में कमियों को उजागर करने के लिए पार्टी के "स्कूल ठीक करो" अभियान के हिस्से के रूप में करिसुंडा वेस्ट पाड़ा प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया था.

