सुप्रीम कोर्ट ने सावरकर पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ नफरती भाषण का मामला खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त, 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ हिंदुत्व विचारक वी.डी. सावरकर पर दिए गए कथित नफरती भाषण (हेट स्पीच) के मामले को रद्द कर दिया. कोर्ट ने यह फैसला इसलिए सुनाया क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की वैधानिक अनुमति देने में विफल रही.

कृष्णदास राजगोपाल के मुताबिक, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 196 के अनुसार, राज्य के खिलाफ नफरत या वैमनस्य फैलाने जैसे मामलों में अदालत द्वारा संज्ञान लेने से पहले सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य है. पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस दीपांकर दत्ता ने स्पष्ट किया कि बिना सरकारी अनुमति के कानूनन कोई मामला नहीं बनता. इसके बाद पीठ ने नृपेंद्र पांडे की शिकायत और लखनऊ मजिस्ट्रेट द्वारा जारी समन दोनों को रद्द करने का आदेश पारित किया.

लखनऊ के निवासी नृपेंद्र पांडे ने 2022 की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान सावरकर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में राहुल गांधी पर आईपीसी की धारा 153ए और 505 के तहत मामला दर्ज कराया था.

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