कुकी और नागा नाकाबंदी के बीच मणिपुर में पाँच दिन से फंसे ट्रक
इस बीच प्रशांत मजूमदार की खबर है कि कुकी और नागा समुदायों के बीच चल रहा "बंधक" संकट अभी भी बरकरार है. कांगपोकपी जिले में तीन आदिवासी चर्च नेताओं की हत्या के बाद तनाव काफी बढ़ गया था. इस हिंसा के बाद, दोनों समुदायों के लोगों को एक-दूसरे द्वारा बंधक बना लिया गया था. बाद में, नागाओं ने 14 कुकी नागरिकों को रिहा कर दिया, जबकि कुकियों ने भी 14 नागा व्यक्तियों को मुक्त कर दिया. हालांकि, कुकी संगठनों का दावा है कि उनके 14 और लोग अभी भी लापता हैं. वहीं, नागा समूहों का कहना है कि दो पादरियों सहित उनके छह लोगों का कोई पता नहीं चल सका है.
इधर, कुकी क्षेत्रों में 'कुकी इनपी मणिपुर' (केआईएम) द्वारा लागू किए गए "पूर्ण बंद" और नागा क्षेत्रों में 'यूनाइटेड नागा काउंसिल' (यूएनसी) द्वारा लगाई गई "आर्थिक नाकाबंदी" के कारण लगातार पांचवें दिन सैकड़ों ट्रक फंसे रहे. मुख्य रूप से इम्फाल घाटी और सेनापति जिले में फंसे ट्रक ड्राइवरों ने सुरक्षित मार्ग की अपील की है. एक ड्राइवर ने कहा, "हम पिछले पांच दिनों से फंसे हुए हैं और भोजन व पीने के पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं."

