मणिपुर के कामजोंग जिले में सशस्त्र उग्रवादियों ने सीमावर्ती गांवों को फूँका, ग्रामीण भागे

पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. भारत-म्यांमार सीमा के पास मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार सुबह भारी हथियारों से लैस उग्रवादियों ने गांवों पर हमला किया, घरों को आग लगा दी और निवासियों को भागने पर मजबूर कर दिया.

‘पीटीआई’ के अनुसार, उग्रवादियों ने सुबह करीब 4 बजे कसोम खुल्लेन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तंगखुल नागा गांवों—नामली, वांगली और चोरो पर हमला किया, जिसके बाद सीमावर्ती बस्तियों के निवासियों को पास के जंगलों में शरण लेनी पड़ी. ये गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित हैं.

हमले के दौरान भागने की कोशिश में कम से कम एक बुजुर्ग महिला घायल हो गई. ग्रामीणों के अनुसार, नामली में दो घर, वांगली में तीन-चार घर और चोरो में एक चर्च को छोड़कर बाकी कई घर जलकर राख हो गए. असम राइफल्स सहित सुरक्षा बल बाद में स्थिति का जायजा लेने के लिए इलाके में पहुंचे.

फूंगयार के विधायक एल. केशिंग ने आरोप लगाया कि यह हमला सीमा पार से म्यांमार स्थित उग्रवादी समूहों—कुकी नेशनल आर्मी (बर्मा) और पीपुल्स डिफेंस फोर्स द्वारा किया गया था.

केशिंग ने पत्रकारों से कहा, "अब तक राज्य आंतरिक संघर्ष देख रहा था, लेकिन आज बाहरी आक्रमण हुआ है. कुकी नेशनल आर्मी-बी और पीपुल्स डिफेंस फोर्स की संयुक्त टुकड़ी ने तड़के 3.30 बजे चार-पांच सीमावर्ती गांवों पर हमला किया."

नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक ने दावा किया, "कई घर राख हो गए हैं, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई है. एक महिला सहित दो व्यक्तियों का अब तक पता नहीं चल पाया है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्हें सशस्त्र उग्रवादी अपने साथ ले गए हैं."

इसे "बाहरी आक्रमण" करार देते हुए विधायक ने कहा कि राज्य और केंद्र दोनों सरकारों को चुप नहीं रहना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि "इस क्षेत्र में मणिपुर पुलिस की कोई मौजूदगी नहीं है." केशिंग ने गांवों की रक्षा करने में विफल रहने के लिए असम राइफल्स पर भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "असम राइफल्स के जवान कल गांवों में आए थे और आज हमला हो गया. ग्रामीण इन घटनाक्रमों को लेकर निराश हैं."

इस बीच, तंगखुल अज़े कटमनाओ लॉन्ग (टीएकेएल), जिसे 'सदर्न तंगखुल स्टूडेंट्स यूनियन' भी कहा जाता है, ने आरोप लगाया कि लगभग 100 सशस्त्र केएनए-बी उग्रवादियों ने भारत-म्यांमार सीमा पार कर कामजोंग जिले में प्रवेश किया और नामली, वांगली, अशांग खुल्लेन और चोरो सहित गांवों पर हमला किया.

संगठन ने मांग की कि राज्य सरकार प्रभावित गांवों में तुरंत मणिपुर पुलिस कमांडो तैनात करे. साथ ही, उन्होंने उस कथित सुरक्षा चूक पर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है जिसके कारण लगभग 100 सशस्त्र उग्रवादी बिना पता चले अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने में सफल रहे.

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