मुंबई: तरबूज में मिला चूहे मारने का जहर, जिससे हुई थी एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
एक फॉरेंसिक विश्लेषण में खुलासा हुआ है कि पिछले महीने मुंबई के एक परिवार के जिन चार सदस्यों की मौत हुई थी, उनके द्वारा खाए गए तरबूज में चूहे मारने का जहर था.
मुंबई पुलिस को गुरुवार को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, तरबूज और चारों मृतकों के विसरा नमूनों में 'जिंक फास्फाइड' पाया गया है. यह रसायन आमतौर पर चूहे मारने के जहर में इस्तेमाल होता है. यह परिवार मुंबई के पायधुनी स्थित अपने आवास पर मृत पाया गया था.
एफएसएल अधिकारियों ने बताया कि जिंक फास्फाइड अत्यधिक जहरीला होता है और यही परिवार की मौत का मुख्य कारण है. इसका उपयोग चूहों जैसे कृंतकों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है और कृषि क्षेत्रों या अनाज के भंडारण में एक एकल-खुराक जहर के रूप में भी इस्तेमाल होता है.
एक अधिकारी ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, "हमने आज रिपोर्ट सौंप दी है. दो नमूनों में जिंक फास्फाइड पाया गया है - तरबूज में और चारों मृतकों के विसरा में." मृतकों की पहचान 40 वर्षीय अब्दुल्ला डोकड़िया, उनकी 35 वर्षीय पत्नी नसीम, और उनकी दो बेटियों आयशा (16) और ज़ैनब (13) के रूप में हुई थी. ये चारों 26 अप्रैल को दक्षिण मुंबई स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे. यह घटना उनके घर पर रिश्तेदारों के लिए आयोजित एक डिनर पार्टी के कुछ घंटों बाद हुई थी. पार्टी में सभी ने साथ में रात का खाना खाया था, लेकिन इस परिवार ने आधी रात के बाद तरबूज खाया था.
अधिकारी ने आगे कहा, "आमतौर पर यह (जिंक फास्फाइड) पाउडर के रूप में होता है, जिसका मतलब यह है कि किसी ने तरबूज काटकर उस पर पाउडर छिड़का होगा और फिर उसे खाया गया होगा. हालांकि, वास्तव में क्या हुआ था, यह पता लगाने के लिए पुलिस बेहतर स्थिति में है."
मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें रिपोर्ट मिल गई है और अब वे इस बात की जांच करेंगे कि तरबूज में जहर किसने डाला था. अधिकारी ने बताया, "हम इस मामले की हर कोण से जांच करेंगे - चाहे यह आत्महत्या-हत्या का मामला हो या फिर यह खेती के दौरान दूषित हुआ हो जहाँ पाउडर तरबूज के भीतर रिस गया हो." पुलिस जांच में अब तक परिवार द्वारा ऐसा आत्मघाती कदम उठाने का कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है.

