दिल्ली हवाई अड्डे से लौटे बांग्लादेशी पीएम के सलाहकार; कहा—इमिग्रेशन द्वारा ‘अपमानित’ किया गया

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) जाहेद उर रहमान को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन काउंटर पर रोक दिया गया. वह 'हिंद महासागर रिम एसोसिएशन' (आईओआरए) की 28वीं बैठक में बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने भारत आए थे.

भारतीय आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जाहेद उर रहमान का अतीत में सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भारत विरोधी व आक्रामक टिप्पणियां करने का इतिहास रहा है. प्राधिकारियों ने उनके बयानों की समीक्षा (सत्यापन) के लिए उन्हें रोका था.

कल्लोल भट्टाचार्य की खबर के अनुसार, ढाका के सूत्रों का आरोप है कि रहमान को बिना स्पष्टीकरण दिए दो घंटे से अधिक समय तक रोके रखा गया और उनके साथ किया गया व्यवहार उनके पद और प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था. दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के घटनाक्रम से वाकिफ एक सूत्र ने बताया कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के आलोचक के रूप में जाने जाने वाले रहमान को इमिग्रेशन काउंटर पर रोक दिया गया था. हालांकि बाद में उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई, लेकिन अपमानजनक व्यवहार से निराश होकर उन्होंने रात की उड़ान से वापस ढाका लौटने का फैसला किया.

राजनयिक तनाव और प्रतिक्रिया: ढाका लौटने पर प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने उनसे बात की. बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने इस घटना को "दुर्भाग्यपूर्ण" और "निंदनीय" बताया. इसके बाद, बांग्लादेश विदेश कार्यालय ने भारत के उप-उच्चायुक्त पवन बाढ़े को तलब कर इस मामले पर अपना औपचारिक विरोध दर्ज कराया है.

बता दें कि जाहेद उर रहमान बांग्लादेश की नवनिर्वाचित बीएनपी सरकार के उन 10 प्रभावशाली सलाहकारों की टीम का हिस्सा हैं, जो विदेश, सुरक्षा और आर्थिक जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर प्रधानमंत्री को सलाह देते हैं.

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