राष्ट्रपति भवन ने बांग्लादेश के पीएम के स्वागत अभ्यास का नोटिस वापस लिया, कूटनीतिक तनाव उजागर
राष्ट्रपति भवन द्वारा शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति, जिसमें बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के औपचारिक स्वागत के पूर्ण अभ्यास के लिए शनिवार के 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह को रद्द करने की घोषणा की गई थी, उसे वापस ले लिया गया. इससे इस हाई-प्रोफाइल यात्रा की स्थिति को लेकर भ्रम और गहरा गया है.
‘पीटीआई’ के अनुसार, नोटिस की वापसी ने 12-13 सितंबर को होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली और ढाका के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव को उजागर कर दिया है. बांग्लादेश द्वारा अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की हालिया मांग को लेकर दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं.
वापस ली गई विज्ञप्ति में लिखा था, "बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत के पूर्ण अभ्यास के कारण इस शनिवार (22 अगस्त 2026) राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में चेंज ऑफ गार्ड समारोह नहीं होगा."
इस घटनाक्रम ने ढाका द्वारा हसीना के प्रत्यर्पण की मांग के बाद दोनों पड़ोसियों के बीच हालिया तनाव के चलते आगामी ब्रिक्स सम्मेलन के लिए रहमान की प्रस्तावित नई दिल्ली यात्रा को लेकर कूटनीतिक अनिश्चितता बढ़ा दी है.
मंगलवार को, भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में बांग्लादेशी व्यापारिक नेताओं और एक आगंतुक भारतीय प्रतिनिधिमंडल के लिए आयोजित एक स्वागत समारोह के दौरान द्विपक्षीय तनाव को कम करने की कोशिश की, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहमान की यात्रा को "यादगार" बनाना चाहते हैं. त्रिवेदी ने कहा था, "प्रधानमंत्री मोदी ने बस एक बात कही. हमें मिलना चाहिए."
दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के वित्त मंत्री अमीर खोसरू महमूद चौधरी से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय विकास परियोजनाओं तथा परस्पर हित के मुद्दों पर चर्चा की. त्रिवेदी ने चौधरी को कौटिल्य द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' की एक प्रति भी भेंट की.

