समझौते का पूरी तरह उल्लंघन, यदि अमल नहीं तो हम फिर बैठने को मजबूर होंगे : सीजेपी

इधर, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार को असम, बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त की, जिसमें सरकार के इस आश्वासन के बावजूद कि कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, दिल्ली और अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारियों का उत्पीड़न और निगरानी शामिल है.

पार्टी ने एक बयान में कहा, “हम प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई न करने से संबंधित समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन देख रहे हैं. बिहार और बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, और दिल्ली तथा अन्य राज्यों में सैकड़ों लोगों की निगरानी की जा रही है/उत्पीड़न किया जा रहा है. दिल्ली में रसद (लॉजिस्टिक्स) सहायता प्रदान करने वाले स्वयंसेवकों को हिरासत में लिए जाने के संबंध में कई रिपोर्टें सामने आ रही हैं.” पार्टी ने सरकार से 28 जुलाई तक लिखित में गारंटी उपलब्ध कराने के लिए कहा है और यह भी जोड़ा है कि यदि हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ा नहीं गया और एफआईआर वापस नहीं ली गईं तो फिर “आगे आवश्यक कदम” उठाएगी. 

पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने तो कहा, “हमारी मांग है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियों को तुरंत वापस लिया जाए, छात्रों को रिहा किया जाए और (हमारे समझौते के अनुसार) दिल्ली पुलिस/केंद्रीय जांच एजेंसियों/भाजपा-गठबंधन शासित राज्यों की पुलिस द्वारा भविष्य में कोई प्राथमिकी दर्ज न की जाए, ऐसा न होने पर हम फिर से विरोध प्रदर्शन पर बैठने के लिए मजबूर होंगे.” 

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