ममता के इस्तीफे से इनकार के बाद राज्यपाल ने विधानसभा भंग की

‘पीटीआई’ के मुताबिक, ममता बनर्जी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह कहे जाने के दो दिन बाद कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने 7 मई से राज्य विधानसभा को भंग कर दिया है. मौजूदा विधानसभा का गठन मई 2021 में हुआ था, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी थी.

इस बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आज गुरुवार (7 मई) को कोलकाता में ममता बनर्जी से मुलाकात की. यादव की पार्टी को अगले साल फरवरी 2027 में राज्य विधानसभा चुनावों का सामना करना है. पिछले दो चुनावों से भाजपा ने उनको यूपी में शिकस्त दी है. चूंकि पिछले लोकसभा चुनावों में सपा ने उत्तर प्रदेश में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था, लिहाजा इस बार अखिलेश राज्य में वापसी के लिए पूरी ताकत लागाएंगे. लेकिन, बंगाल के नतीजों ने उन्हें अपनी रणनीति की समीक्षा करने के लिए मजबूर किया है. लगातार दस वर्षों से उप्र में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार है. अखिलेश ने कहा, ‘भाजपा ने जो कुछ बंगाल में किया है, उसका ट्रायल उत्तर प्रदेश में किया था. बंगाल में पूरा चुनाव उन्होंने लूट लिया. सारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया.”

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