‘क्या गर्भवती महिलाएं नाचते हुए आई थीं?’ - किडनी फेल होने के मामले पर राजस्थान के मंत्री के बयान से विवाद
राजस्थान के बीकानेर स्थित पीबीएम अस्पताल में प्रसव के बाद पांच महिलाओं की किडनी फेल होने का गंभीर मामला सामने आया है. इस घटना के बाद अस्पताल का दौरा करने पहुंचे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के एक बयान ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है.
पारुल कुलश्रेष्ठ के अनुसार, अस्पताल में महिलाओं की स्थिति पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि महिलाएं पहले से ही गंभीर हालत में भर्ती हुई थीं. उन्होंने वहां मौजूद प्रिंसिपल से पूछा, "प्रेग्नेंट महिलाएं किस हालत में आई थीं. पैदल आई थीं या नाचते हुए आई थीं." इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से कहा: "स्वास्थ्य कर्मी हर दिन अनगिनत जानें बचाते हैं, लेकिन ऐसे प्रयासों पर अक्सर किसी का ध्यान नहीं जाता. हम इतनी जानें बचाते हैं, फिर भी आप उसका जिक्र नहीं करते. आप सिर्फ मृत्यु दर पर ध्यान केंद्रित करते हैं.
कांग्रेस ने इस बयान को बेहद संवेदनहीन और मातृत्व का घोर अपमान बताया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रसव पीड़ा से गुजर रही महिलाओं को तानों की नहीं, बल्कि सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं और स्ट्रेचर की जरूरत है. उन्होंने मंत्री से तुरंत माफी की मांग की है. बदहाल चिकित्सा व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में उग्र प्रदर्शन किया, जहां उनकी पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई.

