अमेरिका ने हमारे तीन नाविक मार दिए और संवेदना में एक शब्द नहीं, यह कैसा ‘मित्र’ है : शशि थरूर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर लाख यह दावा करें कि उन्होंने अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात कर खाड़ी (गल्फ) में अमरीकी नौसेना द्वारा किए गए उन हमलों पर भारत के कड़े विरोध को दोहराया, जिनमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी. लेकिन अमेरिका पर इस कड़े विरोध का कोई असर नहीं हुआ है. उसके आधिकारिक बयान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी हैरानी जता रहे हैं. अमेरिका के आधिकारिक बयान को पढ़कर थरूर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “अमेरिका के इस आधिकारिक बयान को पढ़ना बेहद चौंकाने वाला है, जिसमें निर्दोष भारतीयों की जान जाने पर खेद या संवेदना का एक भी शब्द नहीं है. कोई "मित्र" और रणनीतिक साझेदार इतना अधिक संवेदनहीन कैसे हो सकता है?”

थरूर ने कहा कि किसी आदेश का पालन न करने वाले (नॉन-कंप्लाइंट) व्यावसायिक जहाज को रोकने के लिए अन्य गैर-घातक तरीकों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा सकता था? क्या नागरिक चालक दल (सिविलियन क्रू) के सदस्यों को मारने के उद्देश्य से मिसाइलें दागे बिना, किसी जहाज के प्रोपल्शन (इंजन की गति) या स्टीयरिंग को निष्क्रिय करना संभव नहीं है?

इन महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से गुजरने वाले व्यावहारिक रूप से हर मर्चेंट शिप (व्यापारिक जहाज) पर भारतीय चालक दल सवार होता है. क्या अब उन सभी को अमरीकी मिसाइलों के लिए एक आसान निशाना (फेयर गेम) मान लिया गया है? यह दृष्टिकोण पूरी तरह से अस्वीकार्य है और मुझे उम्मीद है कि @DrSJaishankar ने @marcorubio से ऐसा कहा होगा.

Previous
Previous

बंगाल की सरकारी इमारत में आग लगने से करीब 4,000 ईवीएम खाक; मंत्री ने जताई साजिश की आशंका

Next
Next

‘क्या गर्भवती महिलाएं नाचते हुए आई थीं?’ - किडनी फेल होने के मामले पर राजस्थान के मंत्री के बयान से विवाद