ट्रबल इंजन : उत्तरप्रदेश की राज्यपाल ने गोरखपुर जाकर योगी सरकार की कमियों को उजागर किया

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार (6 अगस्त 2026) को गोरखपुर में विश्वविद्यालय परिसर में देखी गई कमियों के संबंध में एक बयान दिया. उन्होंने दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को इन समस्याओं को दूर करने के लिए तीन महीने का समय दिया, जिसके बाद शुक्रवार को भारी हंगामा हुआ और विपक्ष ने आरोप लगाया कि "गोरखपुर मॉडल" का पर्दाफाश हो गया है.

मयंक कुमार के मुताबिक, विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कई कमियों, विशेष रूप से हॉस्टलों (छात्रवासों) से जुड़ी समस्याओं की ओर इशारा किया.

राज्यपाल ने कहा, “विश्वविद्यालय लड़कियों के लिए तीन हॉस्टल चलाता है, जिनमें से एक में फिलहाल मरम्मत का काम चल रहा है.  लड़कों के लिए तय छह हॉस्टलों में से दो भी मरम्मत के अधीन हैं। जहां लड़कियों के हॉस्टल में मेस (भोजन) की सुविधा है, वहीं लड़कों के हॉस्टलों में यह सुविधा नहीं है. इसके बजाय लड़कों को टिफिन सेवा के जरिए खाना दिया जाता है। क्या आपको लगता है कि टिफिन सेवा संतोषजनक है?”

उन्होंने आगे कहा, “मैं इन कमियों को दूर करना चाहती हूँ. इन्हें तीन महीने की समय सीमा के भीतर हल करने की आवश्यकता है. यह हमारे मुख्यमंत्री का शहर गोरखपुर है, यहाँ ऐसी स्थितियाँ कैसे बनी रह सकती हैं?” छात्रों को दिए जाने वाले भोजन के स्तर के संबंध में, पटेल ने उल्लेख किया कि उन्होंने पिछले दिन खुद रसोई का निरीक्षण किया था.

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा कि आपसी खींचतान ने 'डबल इंजन' को 'ट्रबल इंजन' में बदल दिया है.

राज्यपाल के भाषण के वीडियो के साथ यादव ने लिखा, “‘गोरखपुर मॉडल’ की पोल खोलते समय, तुलना के रूप में ‘गुजरात मॉडल’ का घोटाला भी सामने आ गया. दोनों में समान बात भाजपा सरकार और भाजपा का बेकाबू भ्रष्टाचार है. आपसी खींचतान ने 'डबल इंजन' को 'ट्रबल इंजन' बना दिया है.”

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