श्रवण गर्ग | पूरा देश एक हाईजैक हुए विमान की तरह है, और बंदूक कुछ लोगों के हाथ में है
हरकारा डीप डाइव के इस लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के साथ लोकतंत्र, चुनावी वैधता और विपक्ष की रणनीति पर चर्चा हुई. बातचीत की शुरुआत पराकला प्रभाकर के उस लेख से हुई, जिसमें उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को “अवैध” और “लूटा हुआ” मानता है, तो फिर उसी प्रक्रिया में लगातार हिस्सा लेने का औचित्य क्या है.
पराकला प्रभाकर : ममता को चुनाव अस्वीकार्य है, तो नतीज़ों का बहिष्कार करना चाहिए
इन विधानसभा चुनावों के बाद ही लोग यह सोचने लगे हैं कि चुनाव और अदालतें कोई उपाय नहीं हैं. भारत का विचार ख़तरे में है. यह सब चुनावी अंकगणित और हिसाब-किताब बनकर रह गया है. मैं काफ़ी समय से यह तर्क देता रहा हूँ कि समस्त विपक्ष को चुनावों का बहिष्कार करना चाहिए और सभी विधायिकाओं — लोकसभा और राज्य विधानसभाओं — से अपनी सीटें छोड़ देनी चाहिए.
‘मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता; हमें साजिश के तहत हराया गया’: ममता बनर्जी
बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार पर चर्चा करते हुए पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मंगलवार (5 मई, 2026) को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अगर वे सोचते हैं कि वे बल प्रयोग करके जीत जाएंगे और मैं जाकर अपना इस्तीफा दे दूंगी, तो ऐसा नहीं होगा. हम चुनाव नहीं हारे हैं. यह हमें हराने का उनका बलपूर्वक प्रयास है.

