‘मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता; हमें साजिश के तहत हराया गया’: ममता बनर्जी

बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार पर चर्चा करते हुए पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मंगलवार (5 मई, 2026) को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अगर वे सोचते हैं कि वे बल प्रयोग करके जीत जाएंगे और मैं जाकर अपना इस्तीफा दे दूंगी, तो ऐसा नहीं होगा. हम चुनाव नहीं हारे हैं. यह हमें हराने का उनका बलपूर्वक प्रयास है.  आधिकारिक तौर पर वे चुनाव आयोग के माध्यम से हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से मैं आपसे कह रही हूं कि हम चुनाव जीत गए हैं." बनर्जी ने आगे कहा, "हम हारे नहीं हैं, उन्होंने जबरन राज्य पर कब्जा कर लिया है. असली विलेन चुनाव आयोग है. चुनाव आयोग पक्षपाती है, न्यायपालिका है नहीं, वे (भाजपा) देश में एक पार्टी का शासन चाहते हैं.”  

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की हार को खारिज करते हुए बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग के पक्षपात का आरोप लगाया. इसे "लोकतंत्र की हत्या" करार देते हुए उन्होंने दावा किया कि 100 सीटें जबरन छीन ली गईं. बनर्जी ने कहा कि वह बिना किसी पद पर रहे एक "सामान्य नागरिक" के रूप में अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी. "मेरा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है. अब मेरे पास कोई पद नहीं है, इसलिए मैं एक आम नागरिक हूँ.  आप (भाजपा) यह नहीं कह सकते कि मैं किसी सरकारी पद का दुरुपयोग कर रही हूँ. अब मैं एक स्वतंत्र पक्षी की तरह हूँ और मेरा पूरा जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित है. इन 15 वर्षों के दौरान भी, मैंने पेंशन के रूप में एक पैसा भी नहीं निकाला है, और न ही कभी कोई वेतन लिया है."

इसी बीच, भाजपा ने मंगलवार (5 मई, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पश्चिम बंगाल में अपने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पार्टी का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. पार्टी ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा को भी असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

मुझे कुर्सी की परवाह नहीं

‘द हिंदू’ ब्यूरो के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा, "मैं एक कम महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में जीना चाहती हूँ. मुझे कुर्सी की परवाह नहीं है. मुझे केवल जनता की परवाह है. भले ही मैं चाहूँ, फिर भी मुझे विधानसभा नहीं जाना चाहिए. यह सही नहीं है."

उन्होंने फिर दोहराया, "अगर वे सोचते हैं कि वे ताकत के दम पर जीत जाएंगे और मैं इस्तीफा दे दूंगी, तो यह नहीं होने वाला. हम चुनाव नहीं हारे हैं. आधिकारिक तौर पर वे चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से जीत हमारी हुई है. "

कल गणना केंद्र के भीतर मुझे लात मारी गई और धक्का दिया गया

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सोमवार (4 मई) को मतगणना केंद्रों के बाहर केंद्रीय बलों के जवानों ने गुंडों की तरह व्यवहार किया. उन्होंने कहा कि सोमवार को गणना केंद्र के भीतर उनके साथ बदसलूकी की गई, उन्हें लात मारी गई और धक्का दिया गया.

मैं 'इंडिया' गठबंधन को मजबूत करूंगी

ममता बनर्जी ने कहा, "हम भाजपा से नहीं लड़े, हम चुनाव आयोग से लड़े जिसने भगवा पार्टी के लिए काम किया."

उन्होंने आगे कहा, "मैं इंडिया गठबंधन के सभी नेताओं की आभारी हूं.  सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश, हेमंत सोरेन और तेजस्वी जैसे नेताओं ने मुझे फोन किया. अखिलेश यादव कल मुझसे मिलने आएंगे.  अब मेरा लक्ष्य स्पष्ट है—मैं एक आजाद परिंदा हूं—मैंने स्पष्ट कर दिया था कि मैं इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ मिलकर क्या करूंगी. मैं इंडिया गठबंधन को और मजबूत करूंगी. "

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