गिल्स वर्नियर्स | पार्टी का खेल बिगाड़ने वाले मतदाताओं की पसंद को खारिज कर रहे हैं
"राजनीतिक वैज्ञानिक गिल्स वर्नियर्स के इस विशेष वैचारिक लेख में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों द्वारा पाला बदलकर एनडीए (NDA) को समर्थन देने की अटकलों के बीच भारतीय राजनीति में बढ़ते दलबदल संकट का गहरा विश्लेषण किया गया है. लेखक ने महाराष्ट्र (शिवसेना-एनसीपी), मध्य प्रदेश, कर्नाटक और गोवा के उदाहरणों के जरिए स्पष्ट किया है कि सामूहिक इस्तीफे और विभाजन कभी स्वतःस्फूर्त नहीं होते, बल्कि इनके पीछे सत्ताधारी दल (BJP) की सुनियोजित इंजीनियरिंग होती है. लेख में पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के क्रूर क्षेत्रीय कारक, कमजोर वैचारिक आधार, व्यावसायिक राजनीति, दलबदल विरोधी कानून (1985) की कानूनी खामियों और लोकसभा व राज्यसभा के संसदीय गणित पर इसके दूरगामी लोकतांत्रिक प्रभावों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है.
नागरिकता की रेखाओं को फिर से खींच रहा है बंगाल का ‘एसआईआर’
पश्चिम बंगाल में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों का विश्लेषण करती है. रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया अब केवल एक प्रशासनिक अभ्यास नहीं रह गई है, बल्कि यह "कौन भारत का नागरिक होने के योग्य है" इसकी रेखाएं फिर से खींच रही है. मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया (जैसे 'तार्किक विसंगति') इतनी धुंधली है कि लोगों को समझ नहीं आ रहा कि उनके नाम क्यों कटे?

