एसआईआर ‘चंद लोगों के लोकतंत्र’ का मार्ग प्रशस्त कर सकता है: परकला प्रभाकर
'द हिंदू' की रिपोर्ट. अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर का बड़ा दावा; भारत निर्वाचन आयोग के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) से 16 करोड़ लोगों का मताधिकार छिनने का खतरा, दलित-अल्पसंख्यक को लोकतंत्र से बाहर करने की साजिश का आरोप.
परकला प्रभाकर: ‘हर राजनीतिक दल का भाजपाकरण हो जाएगा’
चुनावों के पीछे की प्रक्रिया और 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक और एसआईआर के प्रखर आलोचक परकला प्रभाकर का मानना है कि ये चुनाव केवल हार-जीत का आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे में बदलाव का संकेत हैं.

