‘चुनाव बाद की हिंसा’ के विरोध में ममता बनर्जी धरने पर बैठीं
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद अपने कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों और मतगणना में धांधली के विरोध में 2 जून 2026 को मध्य कोलकाता में एक दिवसीय धरना दिया. कोलकाता पुलिस द्वारा मंच और माइक की अनुमति न मिलने के बाद ममता बनर्जी ने मेगाफोन का इस्तेमाल कर एस्प्लेनेड के वाई-चैनल पर भीड़ को संबोधित किया. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान फिरहाद हकीम और कल्याण बनर्जी जैसे पुराने दिग्गज तो नजर आए, लेकिन पार्टी के नए जीते हुए विधायकों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही. पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.
बंगाल: टीएमसी का संकट; ममता बनर्जी को मुख्य भूमिका में वापस आना ही चाहिए
अरुण श्रीवास्तव के इस विस्तृत राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीति में एक युगांतरकारी मोड़ लेकर आए हैं, जहाँ भाजपा ने 207 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया है. लेख में सुवेन्दु अधिकारी की नई सरकार द्वारा टीएमसी के वित्तीय नेटवर्क पर की जा रही चोट, पार्टी के 100 से अधिक बड़े नेताओं के इस्तीफे, ममता बनाम अभिषेक बनर्जी की आंतरिक कलह और आरएसएस की ध्रुवीकरण रणनीति का गहराई से विश्लेषण किया गया है. बंगाल की बदलती राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

