‘चुनाव बाद की हिंसा’ के विरोध में ममता बनर्जी धरने पर बैठीं
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हुए कथित हमलों के विरोध में मंगलवार (2 जून, 2026) को मध्य कोलकाता में अपना एक दिवसीय धरना शुरू किया.
‘द हिंदू’ के अनुसार, एस्प्लेनेड के वाई-चैनल पर बनर्जी ने कहा, “भाजपा के खिलाफ लड़ना और उसे हराना जारी रखूँगी.” तृणमूल कांग्रेस द्वारा पास की ही रानी राशमोनी रोड पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति मांगी गई थी, जिसे कोलकाता पुलिस ने खारिज कर दिया था.
एक मेगाफोन (भोंपू) का उपयोग करके भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हमें मंच बनाने या माइक का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी गई थी.” ममता ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 294 में से 177 सीटों पर मतगणना के दौरान धांधली की थी.
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान काफी अफरा-तफरी का माहौल रहा, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री के भाषण के बीच तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रहे थे. सुश्री बनर्जी के साथ पार्टी के पुराने दिग्गज नेता फिरहाद हकीम, मदन मित्रा, डेरेक ओ'ब्रायन, कल्याण बनर्जी और डोला सेन नजर आए, जबकि टीएमसी के टिकट पर विधानसभा सीटें जीतने वाले अधिकांश नए चेहरों की अनुपस्थिति साफ दिखाई दे रही थी.

