भंवर मेघवंशी | राजनीति में जो गाय जिंदा है,वह जमीन पर मर रही है!
‘जैसलमेर की वे तस्वीरें किसी सभ्य समाज के चेहरे पर कालिख की तरह चिपक जानी चाहिए थीं. गर्मी,भूख,प्यास, लापरवाही और सिस्टम की संवेदनहीनता ने उन्हें मार डाला,लेकिन यह देश अजीब है.यहां गाय की लाश पर राजनीति होती है,गाय के जीवन पर नहीं.’ पढ़ें सुपरिचित सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी का पूरा आलेख…
भंवर मेघवंशी | इस सकल हिंदू समाज को अकल कब आयेगी ?
राजस्थान के भीलवाड़ा में श्री खाकल देव जी मंदिर के दलित पुजारी विष्णु कुमार बलाई द्वारा मोहन भागवत को लिखे पत्र पर सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी की बड़ी प्रतिक्रिया. मेघवंशी ने पूछा कि क्या दलितों का इस्तेमाल सिर्फ चंदा देने और भीड़ बढ़ाने के लिए है, धार्मिक अधिकारों के लिए क्यों नहीं? पढ़ें पूरा विश्लेषण.

