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मणिपुर : तीन साल हो गए, पर जातीय हिंसा नहीं रुक रही, बंदूकधारियों के हमले में 3 कुकी ग्रामीणों की मौत, घर जलाए

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में तीन साल से जारी जातीय संघर्ष के बीच शुक्रवार 5 जून 2026 को कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में एक महिला सहित तीन कुकी ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और सात घरों को फूंक दिया गया. 'कुकी इनपी मणिपुर' (KIM) ने इस हमले के पीछे नगा उग्रवादी संगठन 'एनएससीएन-आईएम' (NSCN-IM) और जेलियानग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट का हाथ होने का आरोप लगाया है. 'ऑल नगा स्टूडेंट्स एसोसिएशन' के मार्च के ठीक बाद हुए इस हमले, 'कुकी-ज़ो काउंसिल' द्वारा अलग प्रशासन की मांग को तेज करने और मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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न्यूयॉर्क टाइम्स: मणिपुर में घातक हमले, अपहरण और विरोध प्रदर्शन दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं

द न्यू यॉर्क टाइम्स (हरिकुमार) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सुदूर पूर्वी राज्य मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय संघर्ष अब और घातक हो गया है. मई 2023 के बाद भड़की इस ताजा हिंसा में नागा समुदाय भी शामिल हो गया है, जिससे कई चर्च नेताओं सहित एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई है. जानिए कैसे इम्फाल और चूराचाँदपुर को बांटने वाला बफर जोन दो दुश्मन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा की तरह काम कर रहा है.

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