बंगाल: मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों को नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
पश्चिम बंगाल में नवगठित भजपा सरकार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिन महिलाओं के नाम हटा दिए गए हैं, उन्हें राज्य सरकार की अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ नहीं देने की बात कही है.यह जानकारी सोमवार को मंत्री अग्निमित्रा पॉल के हवाले से दी गयी है. इस योजना के तहत महिलाओं को 3,000 रुपये की मासिक नकद सहायता मिलेगी.
बंगाल एसआईआर ट्रिब्यूनल से इस्तीफा देने वाले जज ने चुनाव आयोग द्वारा जोड़े गए नामों से अधिक मतदाताओं को मंजूरी दी थी, फिर बाकी ने क्या किया?
पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने से एक दिन पहले, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के आंकड़ों से पता चला कि विवादित एसआईआर (सत्यापन) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटाए गए नामों वाले लोगों की कम से कम 1,607 अपीलों को अपीलीय न्यायाधिकरणों (ट्रिब्यूनल्स) ने मंजूरी दे दी थी और उन्हें वापस मतदाता सूची में जोड़ दिया गया था.
नागरिकता की रेखाओं को फिर से खींच रहा है बंगाल का ‘एसआईआर’
पश्चिम बंगाल में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों का विश्लेषण करती है. रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया अब केवल एक प्रशासनिक अभ्यास नहीं रह गई है, बल्कि यह "कौन भारत का नागरिक होने के योग्य है" इसकी रेखाएं फिर से खींच रही है. मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया (जैसे 'तार्किक विसंगति') इतनी धुंधली है कि लोगों को समझ नहीं आ रहा कि उनके नाम क्यों कटे?

