दाराब फ़ारूक़ी : ओवैसी की एआईएमआईएम कोई सियासी पार्टी नहीं, ख़ानदानी जायदाद है
असदुद्दीन ओवैसी का दाँव सीधा-सादा है. मुझे वोट दो. मैं मुसलमान हूँ. बस यही पूरी दलील है. इसके पीछे कोई कार्यक्रम नहीं है. कोई संस्था नहीं. कोई योजना नहीं. बस एक पहचान, जो एक प्रमाण-पत्र की तरह पेश की जाती है. वे मुसलमानों की स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व बनना चाहते हैं. एक पल के लिए इसे गंभीरता से लेते हैं और देखते हैं कि वे असल में पेश क्या कर रहे हैं.
राज्यों में भाजपा के विस्तार के साथ, देशभर में मुस्लिम विधायकों की संख्या में भारी गिरावट
मुस्लिम विधायकों की संख्या 2013 में लगभग 339 थी, जो अब घटकर करीब 282 रह गई है. सबसे अधिक गिरावट बड़े राज्यों में देखी गई है. उत्तर प्रदेश में, मुस्लिम विधायकों की संख्या 63 से घटकर लगभग आधी यानी 31 रह गई है. पश्चिम बंगाल में यह संख्या 59 से गिरकर 37 हो गई है, जबकि बिहार में यह 19 से घटकर 11 पर आ गई है. राजस्थान में भी 11 से घटकर यह संख्या 6 हो गई है.

