‘भाजपा तय करेगी कि कौन वोट दे सकता है और कौन नहीं’: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर याचिकाकर्ता योगेंद्र यादव
राजनीतिक कार्यकर्ता और चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को सही ठहराने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. 'हिंदुस्तान टाइम्स' के अनुसार, इस मामले में याचिकाकर्ता रहे यादव ने आरोप लगाया कि अदालत संवैधानिक सिद्धांतों की जांच करने से पीछे हट गई है. उन्होंने दावा किया कि इस फैसले के बाद करोड़ों नागरिकों के मताधिकार से वंचित होने का खतरा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करने वाला आखिरी स्तंभ भी टूट गया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
योगेंद्र यादव: पश्चिम बंगाल चुनाव में अल्पसंख्यकों को बाहर करने की साज़िश
इंडियन एक्सप्रेस के ओपिनियन कॉलम में स्वराज इंडिया के सदस्य और भारत जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र यादव लिखते हैं कि पिछले 10 महीनों में पश्चिम बंगाल में ‘स्पेशल इम्पेडिमेंट रिमूवल’ (एसआईआर) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाना एक सामान्य बात बन गई है. बंगाल का यह मामला मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने का एक असाधारण उदाहरण है.

