हर्ष मंदर | अगले जिहाद' की कभी न खत्म होने वाली तलाश
सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर के विशेष लेख का सारांश: भारत में पिछले एक दशक के दौरान "लव जिहाद" से लेकर "सरोगेसी जिहाद" जैसे शब्दों के गढ़ने के पीछे के राजनीतिक और वैचारिक पैटर्न का विश्लेषण। जानिए कैसे यह महिलाओं की स्वतंत्रता को प्रभावित कर रहा है.
कॉरपोरेट जिहाद" का नैरेटिव: नासिक टीसीएस मामले की सच्चाई और और पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल
हाल के वर्षों में भारत में 'जिहाद' शब्द का प्रयोग किसी भी सामाजिक या व्यक्तिगत मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने के लिए एक हथियार की तरह किया जाने लगा है. महाराष्ट्र के नासिक में स्थित भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक शाखा में हुई घटना इसका सबसे ताज़ा और चिंताजनक उदाहरण है.

