वीवीपी शर्मा | संस्थापक और उत्तराधिकारी: संकट क्यों बन जाता है राजनीतिक उत्तराधिकार
वरिष्ठ पत्रकार वीवीपी शर्मा के राजनीतिक विश्लेषण पर आधारित रपट. जानिए कैसे मैक्स वेबर और रॉबर्ट मिशेल्स के सिद्धांतों के आलोक में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) का हालिया संकट नेतृत्व परिवर्तन, विरासत और उत्तराधिकार की आंतरिक स्वीकार्यता की कमी को उजागर करता है.
वीवीपी शर्मा | ₹370 की बिरयानी: असली कहानी तालियाँ क्यों थीं
वरिष्ठ पत्रकार वी.वी.पी. शर्मा के इस विशेष आलेख में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो (क्राउडवर्क) के दौरान ₹370 की चिकन बिरयानी और डेटिंग संस्कृति पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी से उपजे देशव्यापी सोशल मीडिया विवाद की गहरी समीक्षा की गई है. लेखक ने हिमांशु जांगड़ा की टिप्पणी, नौकरी से बर्खास्तगी और प्रणीत मोरे की माफी के परे जाकर इस बात का विश्लेषण किया है कि आखिर दर्शकों का पूरा कमरा इस महिला-विरोधी बयान पर ठहाके मारकर क्यों हँसा. लेख में आधुनिक कॉमेडी सर्किट में जसपाल भट्टी व राजू श्रीवास्तव जैसी विचारशील परंपरा के अंत, 'अश्लीलता व शॉक वैल्यू' को बुद्धिमत्ता समझने की भूल, डिजिटल एल्गोरिद्म जनित आक्रोश और स्वतंत्र होती महिलाओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर बेचे जा रहे 'सस्ता पुरुषत्व' पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं.

