सुभाष चंद्र गर्ग | भारत के शेयर बाजार अब वैश्विक रैंकिंग में ऊपर क्यों नहीं चढ़ रहे हैं
पूर्व वित्त और आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के इस विशेष आर्थिक विश्लेषण (द क्विंट और लिंक्डइन रिपोर्ट) के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार वैश्विक मार्केट-कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) रैंकिंग में चौथे स्थान से गिरकर सातवें स्थान पर आ गया है. पिछले कुछ दिनों में ताइवान ($4.95 ट्रिलियन) और दक्षिण कोरिया ($5.04 ट्रिलियन) ने भारत ($4.84 ट्रिलियन) को पीछे छोड़ दिया है. लेख में बताया गया है कि कैसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय बाजार से तेजी से पूंजी निकाल रहे हैं और ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में अकेले ताइवान की कंपनी TSMC का वजन पूरी भारतीय कंपनियों से अधिक हो गया है. रुपये की गिरावट, नीतिगत चूक और भारत की 'विकास गाथा' पर वैश्विक अविश्वास के कारणों पर पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट.
सुभाष चंद्र गर्ग | मोदी के नेतृत्व में भारत ‘फ्रेजाइल फाइव’ से ‘वल्नरेबल वन’ बन गया है
पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने ‘डेक्कन हेराल्ड’ में प्रकाशित अपने लेख में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों और बुनियादी व्यापक-आर्थिक आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. गर्ग के अनुसार, नॉमिनल जीडीपी और वास्तविक विकास दर के भ्रामक आंकड़ों, डब्ल्यूपीआई (WPI) मुद्रास्फीति के 8% पार होने, स्थिर निर्यात और एफडीआई (FDI) के शुद्ध प्रवाह के शून्य होने से भारत अब 'वल्नरेबल वन' (Vulnerable One) बनने की कगार पर है. वियतनाम जैसे पूर्वी एशियाई देशों की तुलना में भारत के निवेश इंजन के ठप होने पर पढ़ें यह विस्तृत आर्थिक विश्लेषण.

