हेट स्पीच: अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 2020 में दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कथित नफरत भरे भाषणों (हेट स्पीच) के लिए भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है. जहाँ भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, वहीं वर्मा दिल्ली सरकार में मंत्री हैं.
‘हम बनाम वे’ की मानसिकता से पैदा होती है हेट स्पीच; कानूनों का खराब प्रवर्तन ‘हेट क्राइम्स’ की वजह: सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को कहा कि नफरत भरे भाषण (हेट स्पीच) और अफवाह फैलाना “हम बनाम वे” की मानसिकता से उपजा है और यह एक विविध समाज में भाईचारे की भावना को दूषित करने का काम करता है. हालांकि, अदालत ने नफरत भरे भाषणों और अपराधों के खिलाफ विशिष्ट कानून बनाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया, इसके बजाय इस अपराध को कवर करने वाले मौजूदा कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने का आव्हान किया.

