अजित साही | लोकतंत्र की मजबूती इस बात से तय होती है कि सरकार आलोचना को कितनी जगह देती है
'हरकारा डीप डाइव' लाइव में अजित साही का विश्लेषण: छात्र आंदोलन के बाद पुलिस कार्रवाई, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही पर उठते गंभीर सवाल.
अजित साही | यह नाराज़गी पिछले दस दिनों में पैदा नहीं हुई है. यह वर्षों से लोगों के भीतर जमा असंतोष का विस्फोट है.
'हरकारा डीप डाइव' में वरिष्ठ पत्रकार अजित साही और निधीश त्यागी का विशेष विश्लेषण. जंतर-मंतर छात्र आंदोलन, मोदी सरकार की चुनौतियाँ, वैश्विक तानाशाही व्यवस्थाओं के पैटर्न और भारत में उभरती जेन-ज़ी बगावत पर गहराई से चर्चा.

