अजित साही | लोकतंत्र की मजबूती इस बात से तय होती है कि सरकार आलोचना को कितनी जगह देती है
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी के साथ वरिष्ठ पत्रकार अजित साही ने छात्र आंदोलन के बाद के राजनीतिक घटनाक्रम, सरकार की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उठ रहे सवालों पर विस्तार से चर्चा की.
अजित साही का कहना है कि आंदोलन की प्रमुख मांगें मान लिए जाने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई वापस लेने के आश्वासन के बावजूद कई जगह पुलिस पूछताछ, निगरानी और एफआईआर की खबरें सामने आ रही हैं. उनके अनुसार यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सरकार की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा भी माना जा सकता है.
चर्चा का बड़ा हिस्सा एक युवा महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर केंद्रित रहा. अजित साही ने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में सार्वजनिक पदों पर बैठे नेताओं की आलोचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा क्या होनी चाहिए. उनका तर्क है कि यदि सत्ता की आलोचना पर कानूनी कार्रवाई होती है, तो इससे लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बहस और तेज होगी. इस दौरान उन्होंने भारत की तुलना अमेरिका सहित अन्य लोकतांत्रिक देशों से करते हुए कहा कि वहां सत्ता की तीखी आलोचना भी लोकतांत्रिक संस्कृति का हिस्सा मानी जाती है.
निधीश त्यागी और अजित साही की बातचीत में मीडिया की भूमिका भी प्रमुख विषय रही. अजित साही का दावा है कि स्वतंत्र मीडिया कमजोर होने से सरकार की जवाबदेही प्रभावित होती है और विरोध की आवाजों को पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता. उन्होंने यह भी कहा कि हालिया छात्र आंदोलन ने पहली बार सरकार के पारंपरिक समर्थन आधार के भीतर भी असंतोष की झलक दिखाई है. उनके अनुसार यदि युवाओं का यह असंतोष संगठित होता है, तो इसका प्रभाव आने वाले राजनीतिक परिदृश्य पर भी पड़ सकता है.
बातचीत के दौरान गुजरात की राजनीति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, दंड कानूनों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सरकार की कार्यशैली पर भी विस्तार से चर्चा हुई. अजित साही ने कई राजनीतिक और ऐतिहासिक उदाहरणों के जरिए अपने तर्क रखे तथा कहा कि किसी भी लोकतंत्र की मजबूती इस बात से तय होती है कि वह असहमति और आलोचना को कितनी जगह देता है. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की राजनीति और लोकतांत्रिक भागीदारी आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. पूरी बातचीत यहां सुन सकते हैं.

