अपूर्वानंद | आंदोलन की सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि उसका मूल मुद्दा पीछे छूट गया और पूरा विमर्श सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य तक सिमट गया.
‘हरकारा डीप डाइव’ का लाइव एपिसोड. निधीश त्यागी और प्रोफेसर अपूर्वानंद के बीच सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और शिक्षा व्यवस्था के बड़े संकट पर गंभीर चर्चा.
अपूर्वानंद | एसआईआर के विरोधी दलों को बंगाल चुनाव से दूर रहना चाहिए था. अब उन्होंने मतदाताओं के नाम काटे जाने को सामान्य बना दिया है
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 2026 विधानसभा चुनाव परिणामों से उभरने वाला सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह है: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का विचार अब पूरी तरह दफ़न हो चुका है. पराकाल प्रभाकर स्पष्ट पीड़ा के साथ लिखते हैं कि यदि पश्चिम बंगाल में 27 लाख वैध मतदाताओं का मताधिकार छीन लिया जाना हमारी सबसे गहरी चिंता नहीं बनती, तो हमें स्वयं को लोकतंत्र कहना बंद कर देना चाहिए.

