कैसे ‘हिंदुत्व पॉप’ न्यू इंडिया का साउंडट्रैक बना और बिग टेक ने नफरत को मुख्यधारा तक पहुंचाया
कुणाल पुरोहित (लेखक, एच-पॉप) का विशेष विश्लेषण: जानिए कैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम और स्पॉटिफाई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों ने 'हिंदुत्व पॉप' (H-Pop) संगीत को पहचान, पैसा और वैधता देकर इसे छोटे कस्बों से महानगरों के बड़े आयोजनों तक पहुंचा दिया.
कुणाल पुरोहित | मुझे नहीं लगता प्लेटफॉर्म्स की कोई आइडियोलॉजी है, वे सत्ता और धंधे के साथ हैं
'हरकारा डीप डाइव' के इस एपिसोड में निधीश त्यागी और लेखक कुणाल पुरोहित के बीच 'H-Pop' (हिंदुत्व पॉप) संगीत और नफरत के डिजिटल कारोबार पर विशेष चर्चा. जानिए कैसे सोशल मीडिया एल्गोरिदम, विज्ञापन और भड़काऊ गीत मिलकर समाज और युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रहे हैं.

