युवा आंदोलनों से भाजपा क्यों डरती है? विरोध से निपटने की चार-स्तरीय रणनीति की पड़ताल
‘द क्विंट’ की इस विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के अनुसार, 6 जून को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार का नरम रवैया कई राजनीतिक संकेत देता है. रिपोर्ट में विश्लेषण किया गया है कि कैसे सरकार पेपर लीक और बेरोजगारी से उपजे देशव्यापी युवा असंतोष को नियंत्रित करने के लिए 'दमन, समायोजन, विभाजन और वैधता पर सवाल' जैसी रणनीतियों का उपयोग करती है. अतीत में राहुल गांधी की युवा ब्रिगेड, गुजरात के हार्दिक पटेल व अल्पेश ठाकोर और असम के सीएए विरोधी आंदोलनकारी अखिल गोगोई के खिलाफ अपनाई गई रणनीतियों के आलोक में पढ़ें यह पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.
भारत में परीक्षा घोटाले : 11 वर्षों में 148 मामले, सिर्फ एक सजा
पिछले 11 साल में देश भर में पेपर लीक और नकल के कम से कम 148 बड़े मामले सामने आए, लेकिन न्यायिक ढुलमुल रवैये के कारण केवल एक मामले में ही सजा हो सकी है. चार्जशीट में देरी, सॉल्वर गैंग को मिलने वाले प्रशासनिक संरक्षण और करोड़ों छात्रों के भविष्य से हो रहे इस खिलवाड़ पर पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.

