“लग रहा है कि घर में बेघर हो गए हम”: मतदान के लिए व्हीलचेयर तैयार रखी थी, लेकिन सूची से नाम ही हटा दिया
परवेज़ ने आँखों में आँसू भरकर कहा, “लग रहा है कि घर में बेघर हो गए हम. मतदान का दिन एक उत्सव होता है—लोकतंत्र का उत्सव. हम एक परिवार के रूप में इसमें भाग लेते थे. इस बार हम सिर्फ गवाह हैं. और कुछ नहीं कर सकते हम. यह दर्द देता है.”
योगेंद्र यादव: पश्चिम बंगाल चुनाव में अल्पसंख्यकों को बाहर करने की साज़िश
इंडियन एक्सप्रेस के ओपिनियन कॉलम में स्वराज इंडिया के सदस्य और भारत जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र यादव लिखते हैं कि पिछले 10 महीनों में पश्चिम बंगाल में ‘स्पेशल इम्पेडिमेंट रिमूवल’ (एसआईआर) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाना एक सामान्य बात बन गई है. बंगाल का यह मामला मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने का एक असाधारण उदाहरण है.

