हरकारा रोज़ाना हरकारा रोज़ाना

मां का नाम काफी है, फिर भी सरकारी फॉर्म क्यों मांगते हैं पिता का नाम?

भारत में हर साल हजारों एकल माताएं सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर होती हैं. वजह सिर्फ एक कॉलम होता है - “पिता का नाम”. जब वे इसे खाली छोड़ती हैं या बताती हैं कि बच्चे के जीवन में पिता मौजूद नहीं हैं, तब शुरू होती है पूछताछ, देरी, अपमान और बार-बार दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया.


Read More
हरकारा रोज़ाना हरकारा रोज़ाना

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: एससी/एसटी एक्ट तभी लागू होगा जब जातिगत अपमान ‘सार्वजनिक रूप’ से किया गया हो

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि किसी व्यक्ति पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला केवल तभी चलाया जा सकता है, जब जातिगत अपमानजनक टिप्पणी "सार्वजनिक रूप" से की गई हो. कोर्ट ने बिना किसी गवाह के निजी स्थानों पर होने वाले ऐसे अपराधों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा है.


Read More