मणिपुर हिंसा: तीन साल बाद, न्याय और शांति सिर्फ ‘शब्द’
मणिपुर हिंसा को अब तीन साल होने को आए हैं, लेकिन इस सीमावर्ती राज्य में शांति और सामान्य स्थिति आज भी एक कोरी कल्पना बनी हुई है. 'शिलॉन्ग टाइम्स' की संपादक पेट्रीसिया मुखिम ‘द वायर’ में प्रकाशित अपने लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, भाजपा की राजनीति और मणिपुर के जटिल जनजातीय संघर्षों पर तीखा प्रहार करती हैं.

