राहुल गांधी ने दी मोदी सरकार में ‘संस्थागत विद्रोह’ की चेतावनी

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी. फाइल | फोटो क्रेडिट: ANI

‘द हिन्दू’ के मुताबिक, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार के भीतर “संस्थागत विद्रोह” की स्थिति बन रही है और देश में एक अभूतपूर्व “आर्थिक सुनामी” आने वाली है.

उन्होंने यह बयान बुधवार (3 जून, 2026) को कांग्रेस के नेशनल आदिवासी प्रोफेशनल कॉन्क्लेव में दिया, जो एक बंद कमरे का कार्यक्रम था. उनके संबोधन के वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है.

राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक झटकों से निपटने वाली सुरक्षा व्यवस्था कमजोर कर दी है, जिससे देश को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने इसे “आर्थिक सुनामी” बताया.

उन्होंने दावा किया कि सरकार का संस्थागत नियंत्रण अब पहले जैसा नहीं रहा. उनके अनुसार चुनाव आयोग, खुफिया तंत्र और न्यायपालिका जैसे संस्थानों में भी असंतोष और बदलाव के संकेत दिख रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि “अब सिस्टम में नियंत्रण टूट रहा है.”

उन्होंने यह भी कहा कि जनता पर आर्थिक दबाव और चुनावी प्रणाली को लेकर बढ़ती नाराजगी से राजनीतिक स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है.

राहुल गांधी ने यह आशंका भी जताई कि सरकार भविष्य में जनता के दबाव को रोकने के लिए “आपातकाल जैसी स्थिति” लागू कर सकती है.

उन्होंने दावा किया कि उनका आकलन है कि एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पद पर नहीं रहेंगे.

राहुल गांधी के अनुसार उन्हें प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य शीर्ष नेताओं से जुड़ी जानकारियां सिस्टम के भीतर से मिलती रहती हैं. हालांकि उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक रूप से नहीं दिया.

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