‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने अमेरिका की डेलावेयर यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर मुक़्तदर खान के साथ भारत-अमेरिका संबंधों में बदलाव, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों, द्विपक्षीय व्यापार समझौते, एच-1बी वीजा और भारत की विदेश नीति पर चर्चा की.
प्रोफेसर खान के अनुसार, अमेरिका की नजर में भारत की रणनीतिक अहमियत कम हुई है. उनका तर्क है कि पहले अमेरिका चीन के प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता था, लेकिन अब चीन के साथ व्यापक समझौते की संभावनाएं अमेरिकी रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार जारी रहने के बावजूद उनके रणनीतिक संबंधों में तनाव दिखाई दे रहा है.
बातचीत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत यात्रा भी चर्चा का विषय रही. खान ने उनके दिल्ली न आने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात न करने को महत्वपूर्ण संकेत बताया. उनके अनुसार, रूबियो का जामनगर जाकर मुकेश अंबानी से मिलना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या अमेरिकी प्रशासन भारत सरकार की तुलना में बड़े कारोबारी समूहों को अधिक महत्व दे रहा है. खान ने इसे अंबानी की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच और भारत की आधिकारिक विदेश नीति के बीच संभावित अंतर के रूप में देखा.
एच-1बी वीजा और भारतीय पेशेवरों के भविष्य पर चर्चा करते हुए खान ने अमेरिका की आव्रजन नीतियों को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि इन नीतियों में बदलाव से अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों के लिए स्थायी निवास और नागरिकता हासिल करने की राह कठिन हो सकती है. उन्होंने अमेरिका में भारतीयों के प्रति बढ़ती नकारात्मकता और दक्षिणपंथी राजनीति के प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की.
खान ने भारत की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि नेताओं की व्यक्तिगत लोकप्रियता और उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि को राष्ट्रीय हितों से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए. उनके अनुसार, अमेरिका, रूस और चीन के साथ भारत के संबंधों में उभरती चुनौतियां अधिक व्यावहारिक और स्पष्ट विदेश नीति की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं.
चर्चा में भारतीय अर्थव्यवस्था और युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठा. खान ने बेरोजगारी, कौशल विकास और क्षेत्रीय आर्थिक असमानता को गंभीर चुनौतियां बताया. उनका मानना है कि भारत की युवा आबादी तभी देश की ताकत बन सकती है, जब उसके लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
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